श्रीकृष्णाक्षरमालिका Click on words to see what they mean. कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark अव्यय माधव अन्तविवर्जित अब्धिसुताप्रिय कान्त हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark आशरनाशन आदिविवर्जित आत्मज्ञानद नाथ हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark इन्द्रमुखामरबृन्दसमर्चितपादसरोरुहयुग्म हरे।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ईश्वरसन्नुत ईतिभयापह राक्षसनाशनदक्ष हरे।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark उन्नतमानस उच्चपदप्रद उज्ज्वलविग्रह देव हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ६ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ऊर्जोनाशितशात्रवसञ्चय जलधरगर्जितकण्ठ हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ७ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ऋषिजनसन्नुत दिव्यकथामृत भव्यगुणोज्ज्वल चित्तहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ८ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ऋकारप्रिय ऋक्षगणेश्वरवन्दितपादपयोज हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ९ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ऌतकसमर्चित काङ्क्षितदायक कुक्षिगताखिललोकहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १० ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ॡवल्लोकाचारसमीरित रूपविवर्जित नित्य हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ११ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark एकमनोमुनिमानसगोचर गोकुलपालक वेषहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १२ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ऐरावतकरसन्निभदोर्बल निर्जितदानवसैन्यहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १३ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ओङ्काराम्बुज वनकलहंसक कलिमलनाशन नामहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १४ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark औन्नत्याश्रय संश्रितपालक पाकनिबर्हणसहजहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १५ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark अङ्गदसेवित भङ्गविवर्जित सङ्गविवर्जित सेव्य हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १६ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark अस्तगिरिस्थितभास्करलोहितचरणसरोजतलाढ्यहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १७ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark कमलावल्लभ कमलविलोचन कमलविभाहरपाद हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १८ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark खरमुखदानवसैनिकखण्डन खेचरकीर्तित कीर्तिहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ १९ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark गणपतिसेवित गुणगणसागर वरगतिनिर्जित नागहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २० ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark घटिकापर्वतवासि नृकेसरि वेषविनाशितदोषहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २१ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ङः प्रत्येकं न यथा वाक्ये नाथ तथा ते चित्ते क्रोधः ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २२ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark चपलाभासुरमेघनिभप्रभ कमलाभासुरवक्ष हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २३ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark छलयुतदूरचलाचललोचन गोपवधूहृदयेश हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २४ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark जगतीवल्लभरूपपरात्पर सर्वजगज्जनपूज्य हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २५ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark झङ्कारध्वनिकारिमधुव्रतमञ्जुलकेशकलाप हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २६ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ञाक्षरयुतजाधात्वर्थे परिनिष्ठित नैष्ठिकगम्य हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २७ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark टङ्कारध्वनिकारिधनुर्धरशातशराहतदैत्य हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २८ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ठमिति मनुं वा समिति मनुं वा जपतां सिद्धिद नाथ हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ २९ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark डमरुकरेश्वरपूजितनिर्जितरावणदानव राम हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३० ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ढक्कावाद्यप्रिय भयवारण विनयविवर्जितदूर हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३१ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark णटधात्वर्थे पण्डितमण्डितसकलावयवोद्भासि हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३२ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark तत्त्वमसीति व्याहृतिवाच्यप्राच्यधिनायकपूज्य हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३३ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark थूत्कारानिलवेगनभोगतसप्तसमुद्रवराह हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३४ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark दयितालिङ्गितवक्षोभासुर भूसुरपूजितपाद हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३५ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark धरणीतनयाजीवितनायक वालिनिबर्हण राम हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३६ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark नारायण माधव केशव गोपालक हे गोविन्द हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३७ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark परमेश्वर वरपक्षिकुलेश्वरवाहन मोहनरूप हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३८ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark फालविलोचन पङ्कजसम्भव कीर्तितसद्गुणजाल हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ३९ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark बलरिपुपूजित बलजितदानव बलदेवानुज बाल हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४० ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark भवभयनाशन भक्तजनप्रिय भूभरनाशनकारि हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४१ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark मायामोहितसकलजगज्जनमारिचासुरमथन हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४२ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark यमुनातटिनीवरतटविहरण यक्षगणेश्वरवन्द्य हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४३ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark रामरमेश्वर रावणमर्दन रतिललनाधव तात हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४४ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark लक्ष्मणसेवित मङ्गललक्षणलक्षित शिक्षितदुष्ट हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४५ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark वालिविनाशन वारिधिबन्धन वनचरसेवितपाद हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४६ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark शङ्करकीर्त्तित निजनामामृतशत्रुनिबर्हणबाणहरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४७ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark षड्गुणमण्डित षड्दोषापह दोषाचरकुलकाल हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४८ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark सदय सदाशिवपूजितपादुक हृदयविराजित दयित हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ४९ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark हस्तचतुष्टयभासुरनन्दक शङ्खगदारथचरण हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५० ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ळुबुळुबुनिःस्वनमज्जितमन्दरपर्वतधारणकूर्म हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५१ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark क्षयितनिशाटक्षान्तिगुणाढ्य क्षेत्रज्ञात्मक देव हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५२ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark गणपतिपण्डितरचितं स्तोत्रं कृष्णस्येदं जयतु धरण्याम् ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५३ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ।कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण जनार्दन कृष्ण हरे ॥ ५४ ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ॥ इति कृष्णाक्षरामाला समाप्ता ॥ ▼ Edit Permalink Bookmark ▼ Edit Permalink Bookmark × (choose dictionary) ▼ Sanskrit-English Apte (1890) Monier-Williams (1899) Shabdasagara (1900) Sanskrit-Sanskrit Vācaspatyam (1873) Śabdakalpadrumaḥ (1886) Koshas Amarakosha Sanskrit-Hindi Apte Sanskrit-Hindi Kosh (1966) Sanskrit-Kannada Shabdarthakaustubha